
सोनभद्र ।जिले में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने और नहरों में जल प्रवाह सुचारु बनाए रखने के लिए 15 अक्टूबर से 15 दिसंबर तक नहरों एवं ड्रेनों की सिल्ट सफाई कराई जाएगी। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित रोस्टर और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार सफाई कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लापरवाही अथवा अनियमितता मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।

शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार स्थित जनसुनवाई कक्ष में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ नहरों की सिल्ट सफाई की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सफाई कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को खेतों की सिंचाई में किसी प्रकार की परेशानी न हो। नहरों एवं ड्रेनों की समुचित सफाई होने से जल प्रवाह बेहतर होगा और जल निकासी में आने वाली बाधाओं को भी दूर किया जा सकेगा। सफाई कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर जिलाधिकारी ने नहरों, रजवाहों और ड्रेनों की सफाई प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शासन की प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, नहरों, रजवाहों और ड्रेनों की सिल्ट सफाई विभागीय बजट से कराई जाएगी, जबकि छोटी नहरों यानी अल्पिकाओं की सफाई मनरेगा के माध्यम से कराए जाने का प्रावधान है।मनरेगा के तहत अल्पिकाओं की सफाई में मशीनों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। यह कार्य जॉब कार्डधारकों के माध्यम से कराया जाएगा। साथ ही, निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्यों की निगरानी और आवश्यक अभिलेखों का संधारण भी सुनिश्चित किया जाएगा।किसानों को सिंचाई में राहत देने की तैयारी जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सफाई अभियान निर्धारित समयावधि में पूरा किया जाए और कार्यों की नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि नहरों की सफाई का मुख्य उद्देश्य किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना और कृषि कार्यों में आने वाली बाधाओं को दूर करना है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।बैठक में अधिशासी अभियंता, बंदी प्रखंड उमेश कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, सिंचाई निर्माण खंड प्रमोद कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।




