
सोनभद्र। विवाहिता को प्रताड़ित करने और उसके आत्महत्या करने के मामले में अदालत ने पति और देवर को दोषी करार देते हुए आठ-आठ वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी/सीएडब्ल्यू, सोनभद्र बिपिन कुमार तृतीय की अदालत ने शनिवार को दोनों दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश दिया गया है।अभियोजन पक्ष के अनुसार, ओबरा थाना क्षेत्र के अरंगी गांव निवासी लीलावती पत्नी राम सनिही ने 12 सितंबर 2022 को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उनकी 21 वर्षीय बेटी कविता की शादी करीब दो वर्ष पूर्व खैरटिया निवासी भगवान दास के पुत्र बसंत गोड़ के साथ हुई थी। आरोप था कि शादी के बाद पति बसंत गोड़ और उसका भाई अमित गोड़ कविता को प्रताड़ित करने लगे थे। इससे परेशान होकर कविता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।घटना की जानकारी मिलने पर मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे तो कविता का शव सड़क पर रखा मिला। मृतका की मां ने अपने दामाद और उसके भाई पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी।तहरीर के आधार पर ओबरा पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर विवेचक ने न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनीं तथा आठ गवाहों के बयान और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। इसके बाद दोषसिद्ध पाए जाने पर पति बसंत गोड़ और देवर अमित गोड़ को आठ-आठ वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई गई।अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी अधिवक्ता सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने पैरवी की।




