
सोनभद्र । राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर गुरुवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय स्थित सभागार में जिला स्तरीय प्रशिक्षण-सह-संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) के निर्देशानुसार उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी (यूपीएसएसीएस) एवं पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया (पीएचएफआई) के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में जिला स्वास्थ्य अधिकारियों और चिकित्सा अधिकारियों को एचआईवी एवं यौन संचारित संक्रमणों की रोकथाम, जांच, उपचार और प्रबंधन के संबंध में प्रशिक्षित किया गया।

कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर डॉ. निधि टंडन, पीएचएफआई के कैपेसिटी बिल्डिंग एक्सपर्ट दीपक तिवारी, कैपेसिटी बिल्डिंग ऑफिसर नीरज श्रीवास्तव तथा दिशा टीम के डॉ. अमित ने प्रतिभागियों को विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया।प्रशिक्षण के दौरान एचआईवी/एड्स की वर्तमान स्थिति, राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के लक्ष्य, एचआईवी की समय पर पहचान, परामर्श एवं परीक्षण सेवाएं, एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी (एआरटी), वायरल लोड की निगरानी तथा टीबी और एचआईवी के सह-संक्रमण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही यौन संचारित संक्रमणों एवं सिफलिस के प्रबंधन, गर्भावस्था के दौरान मां से बच्चे में एचआईवी संक्रमण के प्रसार की रोकथाम और उच्च जोखिम वाले समूहों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की रणनीतियों की जानकारी दी गई।विशेषज्ञों ने एचआईवी से संबंधित भेदभाव को रोकने तथा एचआईवी एवं एड्स (रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 2017 के प्रमुख कानूनी प्रावधानों के बारे में भी बताया। प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए केस स्टडी, समूह चर्चा, प्रस्तुतियों और व्यावहारिक गतिविधियों का सहारा लिया गया।कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य अधिकारियों की तकनीकी जानकारी और व्यावहारिक क्षमता को मजबूत करना तथा जिला स्तर पर एचआईवी संबंधी सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा। प्रतिभागियों को जांच के बाद मरीजों को उपचार से जोड़ने, नियमित फॉलोअप, रेफरल और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के साथ समन्वय स्थापित करने के बारे में भी जानकारी दी गई।कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागियों का आकलन किया गया और उनसे फीडबैक लिया गया। आयोजकों के अनुसार, इस प्रशिक्षण से जिले में राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के प्रभावी संचालन तथा एचआईवी की रोकथाम, पहचान और उपचार सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।इस अवसर पर डॉ. जीपी मौर्य, डॉ. मुन्ना प्रसाद, डॉ. विवेकानंद, शिवशंकर सिंह, प्रदीप सिंह, विमल कुमार सिंह, शावेज सहित अन्य अधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।



