
सोनभद्र सोन नदी के नाम पर पड़ा जिला सोनभद्र की जीवन धारा सोन नदी को ही माना जाता है सोनभद्र में ही रेणुका, बिजूल,घाघरा ,कनहर आदि अनेक नदियां हैं इन नदियों में अवैध खनन जोर जोर से जारी है अवैध खनन करने के लिए खनन पट्टाधारक नदी के बीचों बीच मशीनों के द्वारा बालू का उत्खनन किया जा रहा है खनन के चलते नदी की धारा को पूरी तरह से रोक दिया गया है दूर से देखने में इन नदियां ऐसे लगती है जैसे कोई नाला हो ताजा उदाहरण है चोपन थाना क्षेत्र के अघोरी क्षेत्र में है खनन धारक अगोरी किले के पश्चिम साइड में खनन पट्टा स्वीकृत हुआ था वहां पर खनन तो जारी है लेकिन वहां से हटकरके खनन धारक द्वारा नदी के बीचो-बीच प्राचीन शिव मंदिर गोठानी के पास तक खनन करते हुए आगे बढ़ते चले जा रहे है

उनसे कुछ दूरी पर रूद्रमाइनिंग है जो की लगातार अवैध खनन के कारण सुर्खियों में छाया रहता है प्रश्न यह है कि क्या सोनभद्र के जिम्मेदार अधिकारी खनन अधिकारी एनजीटी के अधिकारियों को यह सब दिखाई नहीं दे रहा है नदी की धारा रुकने के कारण जलीय जीव जंतुओं के जीवन पर गहरा असर पड़ रहा है और वे लगभग विलुप्त होते चले जा रहे हैं वहीं बगल के प्रदेश मध्य प्रदेश में जलीय जीव जंतुओं के अभ्यारण के लिए जगह को चिन्हित करके उनके रहने और प्रजनन की व्यवस्था कराई जा रही है वहीं उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिलों में इन सब नियमों को दरकिनार कर लगातार अवैध खनन जारी है प्रतिदिन हजारों गाड़ियां ओवर लोड होकर के नदी से निकलती है और उन गाड़ियों में से पानी का रिसाव लगातार जारी रहता है जिससे काला पानी कहे जाने वाले क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़क को भारी नुकसान हो रहा है और सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होते जा रहे हैं ओवरलोड गाड़ियां चलने की वजह से नदियों पर जो पुल बनाए गए हैं उनकी भी स्थिति ठीक नहीं है सड़कों के किनारे पुलों पर बालू के गिर जाने के कारण अगर कोई बाइक सवार उसमें फंस जाता है तो उसकी जान दुर्घटना के कारण जा सकती है लेकिन इन सब के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कान में तेल डालकर सो रहे हैं अधिकारी तब जगाता है जब कोई दुर्घटना हो जाती है कुछ दिनों बाद पुनः इस कुंभकर्णी नींद में सो जाते हैं इन ओवरलोड गाड़ियों से सड़क तो खराब हो रही है पुलों पर गाड़ियों से गिरने वाले बालू इकट्ठा हो जा रहे हैं जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है और कभी-कभी तो बाइक सवार गिरकर चोटिल हो जाते हैं उनकी जान भी चली जाती है यातायात पुलिस या स्थानीय पुलिस सिर्फ बाइक का हेलमेट इंश्योरेंस फोर व्हीलरों का सेफ्टी बेल्ट ड्रिंक एंड ड्राइव पर चालान करती है लेकिन उन्हें यह ओवरलोड गाड़ियां नहीं दिखाई देती हैं इन ओवरलोड गाड़ियों के चलने की वजह से कई दुर्घटना हो चुकी हैं जिसमें रहवासी अपनी जान से हाथ धो बैठता है !





