
सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज कचहरी परिसर स्थित एडीआर भवन में संचालित स्थायी लोक अदालत के हस्तक्षेप से रिटायर्ड कर्मचारी कैलाश नाथ पाठक को बीमा की बकाया धनराशि का भुगतान मिल गया। मंगलवार को बीमा कंपनी की ओर से ब्याज सहित एक लाख 55 हजार 940 रुपये का चेक सौंपा गया। करीब पांच महीने बाद मामले का निस्तारण होने पर वादी को राहत मिली।रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के विकास नगर निवासी कैलाश नाथ पाठक पुत्र स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद पाठक ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से 10 लाख रुपये का बीमा कराया था। बीमा की वैधता 11 मार्च 2022 से 10 मार्च 2023 तक थी। इस दौरान उनकी पत्नी की तबीयत खराब होने पर इलाज और दवाओं पर खर्च हुआ। वादी के अनुसार, बीमा कंपनी की ओर से पूरा भुगतान नहीं किए जाने के कारण उन्हें अपनी जेब से एक लाख 49 हजार 152 रुपये खर्च करने पड़े।बकाया बीमा राशि प्राप्त करने के लिए उन्होंने पंजीकृत डाक से बीमा कंपनी को पत्र भेजकर भुगतान की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत भी जानकारी मांगी, लेकिन जवाब नहीं मिला। आखिरकार कैलाश नाथ पाठक ने स्थायी लोक अदालत में मुकदमा दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई।स्थायी लोक अदालत के हस्तक्षेप के बाद बीमा कंपनी की ओर से मामले का निस्तारण किया गया। स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष नरेंद्र बहादुर प्रसाद ने कैलाश नाथ पाठक को ब्याज सहित एक लाख 55 हजार 940 रुपये का चेक प्रदान किया।इस अवसर पर स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष नरेंद्र बहादुर प्रसाद ने बताया कि बिजली, पानी, अस्पताल, परिवहन, बीमा, शिक्षा, डाक और नगर पालिका जैसी जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित मामलों की सुनवाई स्थायी लोक अदालत में बिना किसी कोर्ट फीस के की जाती है।स्थायी लोक अदालत के सदस्य नीरज सिंह ने बताया कि यहां सुलह-समझौते के आधार पर मामलों का निस्तारण किया जाता है। उन्होंने जिले के लोगों से अपील की कि जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित विवादों के समाधान के लिए स्थायी लोक अदालत का लाभ उठाएं।इस मौके पर स्थायी लोक अदालत के सदस्य आशीष मिश्रा, अधिवक्ता आशुतोष पाठक और बीमा कंपनी के अधिवक्ता ओमप्रकाश त्रिपाठी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।




