
सोनभद्र। जिले में औद्योगिक विकास को गति देने और आवागमन की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 290.50 करोड़ रुपये की लागत से 13 सड़कों के निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। योगी सरकार की औद्योगिक लॉजिस्टिक योजना के तहत तैयार इस प्रस्ताव का उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराना, भारी वाहनों की आवाजाही सुगम बनाना और आमजन को आवागमन में राहत देना है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि औद्योगिक जरूरतों और स्थानीय लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में सड़क निर्माण की योजना तैयार की गई है प्रस्ताव के तहत किरहुलिया से महुली विहार बॉर्डर तक 12 किलोमीटर सड़क के निर्माण के लिए 47.76 करोड़ रुपये तथा चेरुई से मारकुंडी जूनियर हाईस्कूल तक 6.4 किलोमीटर सड़क के लिए 24.32 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।

खड़िया से वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग तक आठ किलोमीटर सड़क का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिस पर लगभग 23 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।औद्योगिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए चुर्क क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण फोरलेन लिंक रोड बनाने का प्रस्ताव है। 4.9 किलोमीटर लंबी चुर्क सीमेंट फैक्ट्री लिंक रोड के लिए 49.95 करोड़ रुपये और 4.84 किलोमीटर लंबी चुर्क-भिलाई बंधी रोड के लिए 49.85 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। इन सड़कों के बनने से चुर्क सीमेंट फैक्ट्री तक भारी वाहनों की आवाजाही सुगम होने और माल परिवहन में लगने वाले समय को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।प्रस्तावित कार्यों में 31 किलोमीटर लंबे पटवध-बसुहारी मार्ग का निर्माण भी शामिल है, जिसके लिए 58.88 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। इसके अलावा बर्दिया लिंक रोड के लिए 12 करोड़ रुपये, बिल्ली मारकुंडी स्थित तेज स्टोन क्रेशर प्लांट से विजय आईटीआई तक सड़क निर्माण के लिए चार करोड़ रुपये तथा मीना बाजार घुरमा फीडर से मारकुंडी के कुनियांव टोला तक 7.5 किलोमीटर सड़क के लिए 15.99 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।डाला क्षेत्र में भी सड़क संपर्क बेहतर करने की योजना है। यहां एक किलोमीटर सड़क के निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये और बग्गा नाला से डिग्री कॉलेज रोड तक करीब 3.5 किलोमीटर सड़क के लिए 80 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। नधिरा से बखिरवा तक 10 किलोमीटर सड़क के निर्माण के लिए 1.60 करोड़ रुपये तथा ओबरा में एक अन्य सड़क के लिए 35 लाख रुपये प्रस्तावित है।जिलाधिकारी ने बताया कि पूर्व में भेजे गए सड़क निर्माण के चार प्रस्तावों को शासन से वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि एक अन्य प्रस्ताव स्वीकृति की प्रक्रिया में है। वित्तीय स्वीकृति प्राप्त सड़कों का निर्माण जल्द शुरू कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।सड़क नेटवर्क के विस्तार से जिले के औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होने, माल परिवहन सुगम बनने और स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, शेष प्रस्तावित सड़कों का निर्माण शासन से स्वीकृति और आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही शुरू हो सकेगा। इससे सोनभद्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और आर्थिक विकास को गति देने में मदद मिल सकती है।




