
सोनभद्र।भारतीय जनता पार्टी जिला सोनभद्र के जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता की अध्यक्षता में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। इसमें 28 से 31 अक्टूबर तक जनपद में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी गई।

जिलाध्यक्ष ने बताया कि 28 अक्टूबर को गोष्ठी और 31 अक्टूबर को रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।प्रेसवार्ता में जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नाडियाद में एक किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने जीवनभर किसानों, मजदूरों और ग्रामीण भारत के हितों के लिए कार्य किया। खेड़ा सत्याग्रह (1918) और बारडोली सत्याग्रह (1928) में किसानों का नेतृत्व कर उन्होंने अपनी संगठनात्मक क्षमता और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया। बारडोली आंदोलन की सफलता के बाद उन्हें सरदार की उपाधि मिली।उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश के पहले गृहमंत्री और उपप्रधानमंत्री के रूप में सरदार पटेल ने राष्ट्र की एकता और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उस समय देश में लगभग 565 रियासतें थीं। सरदार पटेल ने वीपी मेनन के सहयोग से रियासतों के भारतीय संघ में विलय का ऐतिहासिक कार्य किया। जूनागढ़ और हैदराबाद जैसी चुनौतीपूर्ण रियासतों के एकीकरण में भी उनकी निर्णायक भूमिका रही। हैदराबाद में सितंबर 1948 में चलाया गया ऑपरेशन पोलो उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति का उदाहरण है।जिलाध्यक्ष ने कहा कि अखिल भारतीय सेवाओं की स्थापना और प्रशासनिक ढांचे को सुदृढ़ करने में भी सरदार पटेल का अहम योगदान रहा। उनका निधन 15 दिसंबर 1950 को हुआ। वर्ष 1991 में उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया।भाजपा जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों ने लंबे समय तक सरदार पटेल के योगदान को अपेक्षित सम्मान नहीं दिया। उन्होंने 1946 में कांग्रेस अध्यक्ष के चयन का उल्लेख करते हुए कहा कि पटेल को प्रधानमंत्री बनने का अवसर नहीं मिल सका। भाजपा इस घटनाक्रम को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानती है।प्रेसवार्ता में जिला महामंत्री संतोष शुक्ला, अशोक कुमार मौर्य, पिछड़ा मोर्चा जिलाध्यक्ष निशांत कुशवाहा, निवर्तमान पिछड़ा मोर्चा जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश यादव, जिला मीडिया प्रभारी रजनीश रघुवंशी और अमन वर्मा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।




