
सोनभद्र। समाजवादी पार्टी के संस्थापक, देश के पूर्व रक्षा मंत्री एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्रद्धेय मुलायम सिंह यादव की चौथी पुण्यतिथि पर शनिवार, 10 अक्टूबर को समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय सोनभद्र में श्रद्धांजलि सभा एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नेताजी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा उनके संघर्षपूर्ण जीवन और समाजवादी विचारधारा को याद किया।संगोष्ठी को संबोधित करते हुए सपा जिलाध्यक्ष राम निहोर यादव ने कहा कि धरती पुत्र मुलायम सिंह यादव का जीवन संघर्ष, सादगी, सामाजिक न्याय और गरीबों के अधिकारों के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा है।

उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में किसानों, मजदूरों, पिछड़ों, व्यापारियों, अल्पसंख्यकों, आदिवासियों, महिलाओं और युवाओं की आवाज बुलंद करने का काम किया। शिक्षक से लेकर देश के रक्षा मंत्री और उत्तर प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री तक का उनका सफर संघर्ष, जनसेवा और जनविश्वास की मिसाल है।सांसद छोटेलाल सिंह खरवार ने कहा कि नेताजी ने हमेशा जमीन से जुड़े लोगों की समस्याओं और जरूरतों को प्राथमिकता दी। उन्होंने समाजवादी विचारधारा को मजबूत करने के साथ सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाया।समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा, पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह पटेल, रमेश चंद्र दुबे और परमेश्वर दयाल ने कहा कि नेताजी के विचार और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को सामाजिक न्याय, समानता और जनसेवा की राह दिखाते रहेंगे। उनकी विचारधारा समाजवादियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।वक्ताओं ने कहा कि नेताजी की नीतियों और विचारों ने समाज के विभिन्न वर्गों को राजनीतिक भागीदारी का अवसर देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी ऐसी सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी को कमजोर करना चाहती है।

समाजवादी पार्टी नेताजी के विचारों पर चलते हुए सामाजिक न्याय और समानता की लड़ाई जारी रखेगी।कार्यक्रम में जिला महासचिव मोहम्मद सईद कुरैशी, वेदमणि शुक्ला, चौधरी यशवंत सिंह पटेल, श्याम बिहारी यादव, फूलवंती गौड़, अनिल प्रधान, अशोक पटेल, जयप्रकाश उर्फ चेखूर पांडेय, चौथ राम, भरोसे सिंह पटेल, विजय यादव, राधा सिंह, कुमारी मंदाकिनी पांडेय, कुमारी निधि पांडेय, अनिल कुमार यादव, सुनील गौड़, लाल बहादुर पाल, राम प्यारे सिंह पटेल, त्रिपुरारी गौड़, रमेश सिंह यादव, डॉ. लोकपति सिंह पटेल, सुरेश नामवर कुशवाहा, राजेश विश्वकर्मा, विमलेश पटेल, रामेश्वर भाई पटेल, सरदार पारब्रह्म सिंह, जितेंद्र बियार, बाबू हाशमी, दीपक केसरी, सत्यम पांडेय, पवन पटेल, गीता गौड़, फारूक अली जिलानी, कृपा शंकर चौहान, अजीत मौर्य, प्रदीप कनौजिया, राम शंकर वर्मा, चंद्र भूषण, जयप्रकाश मौर्य, मानिकचंद कनौजिया, अभिषेक प्रजापति, संतोष पासवान, प्रमोद, सत्येंद्र ओझा, दयाराम मौर्य, नजमुद्दीन, गोविंद, डॉ. केडी सिंह पटेल, सुरेंद्र, सतीश कुमार, राम प्रकाश, बचोले प्रसाद पटेल, बलवंत, रवि प्रकाश चतुर्वेदी, अतुल दुबे, धीरज पाठक, आशीष पटेल, राधेश्याम, मुकेश सिंह, अफरोज खान, सुशील राय, बलवंत यादव, जगत पटेल, राजेश कुमार यादव, श्याम बिहारी जायसवाल, अभिनव पांडेय, अखिलेश यादव, रमेश बागी, मुरारी मौर्य, गोविंद, राजनाथ, दीनानाथ अग्रवाल, विजय शंकर जायसवाल, मैरी देवी, रूपा देवी, अनीता सिंह सहित सैकड़ों समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




