
सोनभद्र। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर लोगों को हृदय रोगों के प्रति जागरूक किया गया। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (ASMC) सोनभद्र के डॉ. राहुल सिंह ने कहा कि हार्ट अटैक के लक्षणों को नजरअंदाज करना गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है। ऐसे में लक्षण सामने आते ही तत्काल चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।उन्होंने बताया कि सीने में दर्द या भारीपन, दर्द का हाथ, कंधे, पीठ या जबड़े तक पहुंचना, सांस लेने में परेशानी, ठंडा पसीना, जी मिचलाना, चक्कर आना और अचानक कमजोरी हार्ट अटैक के संकेत हो सकते हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और डायबिटीज के मरीजों में इसके लक्षण सामान्य से अलग भी हो सकते हैं।डॉ. राहुल सिंह ने कहा कि लक्षण दिखाई देने पर घर पर उपचार करने या इंतजार करने के बजाय तुरंत अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचना चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर 108 या 112 पर एंबुलेंस बुलानी चाहिए। मरीज को स्वयं वाहन चलाकर अस्पताल जाने से बचना चाहिए।उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की स्टेमी केयर और HRIDAY-SETU (हृदय सेतु) पहल के माध्यम से हार्ट अटैक की जल्द पहचान और समय पर उपचार की व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। ASMC सोनभद्र में भी हृदय रोगियों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।हृदय को स्वस्थ रखने के लिए डॉ. सिंह ने रोजाना करीब 30 मिनट पैदल चलने, नमक और तली-भुनी चीजों का सेवन सीमित करने तथा धूम्रपान और तंबाकू से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराने पर भी जोर दिया।उन्होंने कहा कि हार्ट अटैक के दौरान हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। लक्षणों को समय पर पहचानकर अस्पताल पहुंचने से उपचार जल्द शुरू किया जा सकता है।




