यूपीसोनभद्र

सोनभद्र की महिलाओं के उत्पादों को मिलेगी नई पहचान, ‘सोन अर्थ’ ब्रांड से खुलेगा बड़े बाजार का रास्ता

सरस मेले में विधायक भूपेश चौबे, डीएम चर्चित गौड़ और सीडीओ जागृति अवस्थी ने किया लोगो का अनावरण, महिलाओं की आत्मनिर्भरता को मिलेगा बढ़ावा

सोनभद्र। जनपद की ग्रामीण महिलाओं के हुनर और मेहनत से तैयार उत्पादों को अब एक नई पहचान मिलने जा रही है। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर के बाजारों तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘सोन अर्थ’ ब्रांड तैयार किया गया है। इससे महिलाओं के उत्पादों को बेहतर बाजार मिलने के साथ उनकी आमदनी बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की राह आसान होगी।

गुरुवार शाम राबर्ट्सगंज के उरमौरा स्थित डायट परिसर में आयोजित सोन अर्थ दीपावली सरस मेले में सदर विधायक भूपेश चौबे, जिलाधिकारी चर्चित गौड़ और मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने संयुक्त रूप से ‘सोन अर्थ’ लोगो का अनावरण किया। इस पहल को जनपद की महिलाओं के स्वरोजगार और उद्यमिता को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस अवसर पर सदर विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अपनी मेहनत, हुनर और लगन से विभिन्न प्रकार के उत्पाद तैयार कर रही हैं। ‘सोन अर्थ’ लोगो उनके परिश्रम और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनेगा। एक ब्रांड के रूप में पहचान मिलने से उत्पादों की बाजार में विश्वसनीयता बढ़ेगी और उन्हें बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे महिलाओं की आय में वृद्धि होगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि ‘सोन अर्थ’ जनपद की स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए प्रेरणा और प्रोत्साहन का माध्यम बनेगा। एक ब्रांड के तहत उत्पादों की बिक्री होने से उनकी अलग पहचान स्थापित होगी। साथ ही महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रदर्शन, प्रचार-प्रसार और विपणन के बेहतर अवसर मिलेंगे।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को रोजगार देने के साथ उन्हें सफल उद्यमी और कारोबारी के रूप में स्थापित करना भी है।

डीएम ने कहा कि ‘सोन अर्थ’ के माध्यम से सोनभद्र की महिलाओं के पारंपरिक हुनर और स्थानीय संसाधनों से तैयार उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। ब्रांडिंग और बेहतर पैकेजिंग के जरिए उत्पादों की पहचान मजबूत होगी तथा ग्राहकों तक उनकी पहुंच बढ़ेगी। इससे महिलाओं को अपने उत्पादों का उचित मूल्य मिलने के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का अवसर मिलेगा।

इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, एनआरएलएम के उपायुक्त रवीन्द्र वीर सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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