
सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज नगर के ऐतिहासिक श्री रामलीला मैदान में आयोजित 125वें वर्ष की रामलीला के छठवें दिन भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह सहित चारों भाइयों के परिणय प्रसंग का भव्य मंचन किया गया। आदर्श श्री रामलीला मंडल पिपलेश्वर धाम, सिंगरौली के कुशल कलाकारों ने अपनी जीवंत अदाकारी से जनकपुरी के विवाह उत्सव का ऐसा दृश्य प्रस्तुत किया कि पूरा रामलीला मैदान भक्ति और उल्लास से सराबोर हो उठा।

मंचन के दौरान श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम और हर-हर महादेव के जयकारे लगाए।रामलीला में दिखाया गया कि भगवान श्रीराम द्वारा शिव धनुष भंग किए जाने के बाद राजा जनक अयोध्या के राजा दशरथ को विवाह का शुभ संदेश भेजते हैं। निमंत्रण मिलने पर राजा दशरथ भव्य बारात लेकर मिथिलापुरी पहुंचते हैं। यहां राजा जनक और जनकपुरी के नागरिकों द्वारा बारात का भव्य स्वागत किया जाता है। विवाह समारोह में गुरु वशिष्ठ और महर्षि विश्वामित्र के मार्गदर्शन में वैदिक रीति-रिवाजों के साथ चारों भाइयों का विवाह संपन्न होता है।मंचन के दौरान भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह के साथ लक्ष्मण-उर्मिला, भरत-मांडवी तथा शत्रुघ्न-श्रुतकीर्ति के विवाह प्रसंग को भी भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया गया।

विवाह के पावन दृश्यों के दौरान रामलीला मैदान में मौजूद श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। लोगों ने पुष्पवर्षा कर वर-वधू स्वरूप कलाकारों का अभिनंदन किया। मंगलगीतों, भजनों और विवाह की बधाइयों से पूरा परिसर गूंजता रहा।125 वर्षों से चली आ रही रामलीला की परंपरा ने एक बार फिर धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सहभागिता की झलक प्रस्तुत की। भगवान श्रीराम के आदर्शों और पारिवारिक मर्यादाओं पर आधारित इस प्रसंग ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ते हुए रामकथा के महत्व का संदेश दिया।इस अवसर पर मुख्य अतिथि सदर विधायक भूपेश चौबे उपस्थित रहे। कार्यक्रम में रामलीला अध्यक्ष पवन जैन के साथ राकेश गुप्ता, प्रमोद गुप्ता, आनंद मिश्रा, डॉ. धर्मवीर तिवारी, अनिल द्विवेदी, विमल अग्रवाल, चंदन केसरी, राम प्रसाद यादव, चंद्र कुमार केजरीवाल, राजेश जायसवाल और विनय जायसवाल सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।




