यूपीसोनभद्र

स्थानीय युवाओं के लिए 1000 रोजगार अवसर सृजन का प्रस्ताव

उद्योग-व्यापार संगठन ने रखा ‘सोनभद्र रोजगार मिशन’ का एक्शन रोडमैप, मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं में सुधार की भी उठी मांग

सोनभद्र। उद्योग बंधु एवं व्यापार बंधु की बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी रमेश चंद्र की अध्यक्षता में हुई। बैठक का संचालन उपायुक्त उद्योग विनोद कुमार चौधरी ने किया। बैठक में उद्योग, व्यापार और स्थानीय रोजगार से जुड़े मुद्दों के साथ स्वास्थ्य एवं जीएसटी से संबंधित समस्याओं पर भी चर्चा हुई।उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने कहा कि सोनभद्र में उद्योग और खनिज संपदा की पर्याप्त उपलब्धता है, लेकिन स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर अपेक्षाकृत सीमित हैं। उन्होंने जिला स्तर पर ‘सोनभद्र रोजगार मिशन’ गठित करने का सुझाव देते हुए अगले वर्ष तक रोजगार और स्वरोजगार के लक्ष्य निर्धारित करने की मांग की।उन्होंने अपर जिलाधिकारी को प्रारंभिक एक्शन रोडमैप सौंपते हुए प्रथम चरण में कम से कम 1000 स्थानीय रोजगार एवं प्रशिक्षु अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखने का सुझाव दिया। इसके लिए व्यापारिक प्रतिष्ठानों, उद्योगों, अस्पतालों, होटल-रेस्टोरेंट, परिवहन, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल-कंप्यूटर, निर्माण सामग्री, सर्विस सेंटर, लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स सहित अन्य क्षेत्रों में रिक्तियों व संभावित रोजगार अवसरों को चिन्हित करने की बात कही।कौशल शर्मा ने मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच में हो रही देरी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि रेडियोलॉजिस्ट की कमी के कारण तीन मशीनें होने के बावजूद प्रतिदिन करीब 40 जांच ही हो पा रही हैं और मरीजों को एक से डेढ़ महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है।उन्होंने 25 सितंबर को आंधी-बारिश के दौरान मेडिकल कॉलेज के ए और सी ब्लॉक में रातभर बिजली गुल रहने का भी उल्लेख किया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के लिए डेडीकेटेड फीडर, डीजी बैकअप और ऑटोमेटिक चेंजओवर की स्थायी व्यवस्था की मांग की, ताकि आपातकालीन सेवाएं प्रभावित न हों।पुराने जिला अस्पताल भवन को जल्द दुरुस्त कर प्रसव केंद्र, अर्बन पीएचसी और 24 घंटे आपातकालीन चिकित्सा सुविधा शुरू करने की मांग भी रखी गई। श्री शर्मा ने मेडिकल कॉलेज में जेबकतरों की सक्रियता का मुद्दा उठाते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।बैठक में वाणिज्य कर विभाग से संबंधित समस्याओं पर भी चर्चा हुई। श्री शर्मा ने जीएसटी अधिनियम की धारा 75(4) के तहत प्रतिकूल आदेश से पहले व्यापारियों को सुनवाई का अवसर दिए जाने और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की। उन्होंने संबंधित न्यायिक मामलों और राज्यकर आयुक्त के निर्देशों का हवाला देते हुए फील्ड स्तर पर प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन कराने की मांग की।बैठक में नागेंद्र मोदनवाल, विनय जायसवाल, विवेक कुमार सिंह, नरेंद्र कुमार गर्ग, विमल अग्रवाल, नवल बाजपेई, चंदन केसरी, प्रमोद गुप्ता, धीरेंद्र जायसवाल, हाजी सलीम सहित जिला स्तरीय अधिकारी और व्यापारी प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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