
सोनभद्र । राशनकार्ड धारकों को सरकारी राशन प्राप्त करने के लिए मोबाइल खरीदने की जरूरत नहीं है। यह स्पष्ट करते हुए जिला पूर्ति अधिकारी ध्रुव गुप्ता ने बताया कि पात्र लाभार्थियों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए विभाग में पहले से ही वैकल्पिक व्यवस्था लागू है।उन्होंने बताया कि उचित दर की दुकानों पर ई-पॉस मशीन के माध्यम से आधार प्रमाणीकरण कराकर राशन वितरित किया जाता है। इसके लिए लाभार्थी का बायोमेट्रिक लिया जाता है। प्रमाणीकरण सफल होने पर ई-वेइंग स्केल से निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न दिया जाता है। यदि बायोमेट्रिक का मिलान नहीं होता है तो उसी दिन दोबारा प्रयास करने का अवसर मिलता है। तीन बार असफल होने पर आइरिस स्कैन से प्रमाणीकरण का प्रयास किया जाता है। इसके बाद भी सफलता नहीं मिलने पर राशनकार्ड में शामिल अन्य सदस्य निर्धारित प्रक्रिया के तहत खाद्यान्न प्राप्त कर सकता है।जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि वृद्धावस्था, दिव्यांगता अथवा कुष्ठ रोग जैसी परिस्थितियों के कारण बायोमेट्रिक और आइरिस स्कैन कराने में असमर्थ लाभार्थियों के लिए मोबाइल ओटीपी आधारित वितरण की सुविधा उपलब्ध है। यह सुविधा उन राशनकार्ड धारकों के लिए है, जिनका आधार प्रमाणीकरण किसी भी स्थिति में संभव नहीं हो पा रहा है और जिनका मोबाइल नंबर विभागीय पोर्टल पर पहले से पंजीकृत है।उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई नई व्यवस्था नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद वर्ष 2017 से लगातार संचालित है। सितंबर 2026 में प्रदेश में 3,41,69,420 राशनकार्डों पर खाद्यान्न वितरण हुआ, जबकि इनमें से केवल 83,093 राशनकार्डों पर ओटीपी आधारित वितरण किया गया।जिला पूर्ति अधिकारी ने सोनभद्र के सभी अंत्योदय एवं पात्र गृहस्थी कार्डधारकों से अपील की कि वे किसी भी भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें। राशन प्राप्त करने के लिए मोबाइल खरीदना अनिवार्य नहीं है और पात्र लाभार्थियों को खाद्यान्न से वंचित न रखने के लिए विभागीय व्यवस्था उपलब्ध है।




