
सोनभद्र। करीब 12 वर्ष पूर्व पुरानी रंजिश में लाठी-डंडे और हॉकी से हमला कर युवक को गंभीर रूप से घायल करने के मामले में मंगलवार को सत्र न्यायाधीश राम सुलीन सिंह की अदालत ने दो दोषियों को पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोनों पर ढाई-ढाई हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर उन्हें तीन-तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश दिया गया है।जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ज्ञानेंद्र शरण रॉय के मुताबिक, पिपरी थाना क्षेत्र के बेलवादह निवासी विनोद कुमार सिंह पुत्र स्वर्गीय द्वारिका सिंह ने अनपरा थाने में तहरीर देकर घटना की जानकारी दी थी। आरोप था कि 24 अगस्त 2014 को अनपरा थाना क्षेत्र के डिबुलगंज निवासी सुल्तान उर्फ छोटू पुत्र आजाबू खान और रोशन पनिका समेत चार लोग उनके यहां रखा पुराना लोहा उठाते हुए पकड़े गए थे। बाद में माफी मांगने पर उन्हें छोड़ दिया गया था।इसी घटना की रंजिश को लेकर 31 अगस्त 2014 की शाम आरोपियों ने विनोद कुमार सिंह के भाई बृजेश कुमार सिंह उर्फ बबलू को डिबुलगंज स्थित दुर्गा मंदिर के पास बुलाया और लाठी-डंडों व हॉकी से उसकी पिटाई कर दी। मारपीट में बबलू गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया। जानकारी मिलने पर परिजन उसे विंध्यनगर अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने वाराणसी रेफर कर दिया।मामले में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की और साक्ष्य जुटाने के बाद न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने इसे आरोपियों का पहला अपराध बताते हुए कम सजा देने की अपील की। वहीं, जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ज्ञानेंद्र शरण रॉय ने घटना की गंभीरता का हवाला देते हुए अधिकतम दंड देने की मांग की।दोनों पक्षों की दलीलें सुनने, गवाहों के बयान और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने सुल्तान उर्फ छोटू और रोशन पनिका को दोषसिद्ध करार देते हुए पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।




