
सोनभद्र।विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर शनिवार को स्वायत्तशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें चिकित्सकों ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, लक्षणों और उपचार की जानकारी देते हुए लोगों से मानसिक समस्याओं को गंभीरता से लेने की अपील की।मुख्य अतिथि मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आईजेन भट्टाचार्य ने कहा कि मानसिक बीमारी कमजोरी नहीं है और समय पर मदद लेना भी कमजोरी का संकेत नहीं है। उन्होंने बताया कि मनोरोग विभाग की ओपीडी में पहले प्रतिदिन 10 से 12 मरीज आते थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 80 से 90 तक पहुंच गई है।मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. जितेश गुप्ता ने कहा कि सोच, भावनाओं और व्यवहार में लगातार बदलाव आने तथा पढ़ाई, नौकरी या रिश्तों पर असर पड़ने पर विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। मानसिक बीमारियों का उपचार संभव है। दवाओं, काउंसलिंग और नियमित फॉलोअप से मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं।उन्होंने लोगों से मानसिक परेशानी से जूझ रहे व्यक्तियों की बात सुनने, उन्हें दोष न देने और उनका मजाक नहीं उड़ाने की अपील की। पर्याप्त नींद, संतुलित खानपान, नियमित दिनचर्या और नशे से दूरी को मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी बताया।कार्यक्रम में डॉ. डीके सिंह, सीएमएस डॉ. वीके श्रीवास्तव, एमएस डॉ. सौम्य चक्रवर्ती, डॉ. मुक्ता सिंह और डॉ. आशीष सहित अन्य चिकित्सक, कर्मचारी, मरीज व उनके परिजन मौजूद रहे।




