
सोनभद्र। नियमितीकरण समेत विभिन्न लंबित मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश एड्स नियंत्रण कार्यक्रम से जुड़े कर्मचारियों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। बुधवार को सोनभद्र में कर्मचारियों ने दो घंटे कार्य बहिष्कार कर विरोध जताया। मांगों पर सुनवाई नहीं होने से नाराज कर्मचारी देर शाम सोनभद्र रेलवे स्टेशन से लखनऊ के लिए रवाना हुए। कर्मचारी 15 अक्टूबर को लखनऊ के ईको गार्डन में आयोजित प्रदेशव्यापी धरने में शामिल होकर अपनी मांगों को उठाएंगे।कार्य बहिष्कार में जिला अस्पताल, दुद्धी, चोपन और म्योरपुर स्थित आईसीटीसी केंद्रों के साथ जिला अस्पताल के एआरटी एवं एसटीआई केंद्रों के कर्मचारी शामिल रहे।

कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया और लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की।संघ के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के कर्मचारी लंबे समय से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं और समाज के हित में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें नौकरी की सुरक्षा, नियमितीकरण और अन्य सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कर्मचारियों से एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने और लखनऊ में आयोजित धरने में भाग लेने की अपील की।कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, नियमितीकरण होने तक नौकरी की सुरक्षा और ऑटो रिन्यूअल की व्यवस्था, लंबित 20 प्रतिशत अतिरिक्त मासिक पारिश्रमिक का भुगतान तथा 30 लाख रुपये के ग्रुप टर्म इंश्योरेंस का लाभ देना शामिल है। इसके अलावा पूर्व में हटाए गए कर्मचारियों का पुनः समायोजन, नियमित भर्ती में अतिरिक्त अंक, आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट और पारस्परिक स्थानांतरण की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई है।संघ ने चेतावनी दी है कि मांगों का निस्तारण नहीं होने पर 15 अक्टूबर को धरने के बाद 16 अक्टूबर से भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। साथ ही प्रदेश में एचआईवी/एड्स नियंत्रण से संबंधित सेवाएं स्थगित करने की चेतावनी भी दी गई है।लखनऊ रवाना होने वालों में सुनील कुमार श्रीवास्तव, अमित शुक्ला, अशोक कौशल, अभिजीत पांडेय, वाचस्पति मिश्रा, आशीष शुक्ला, लक्ष्मण सिंह, अंजनी सिंह, सूर्यकांत राव, अभिमन्यु और अवनीश सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।




