सरकारी कार्यों के लिए आम आदमी को न भटकना पड़े, अधिकारी स्वयं लें संज्ञान” — सत्येंद्र बारी
सुशील कुमार तिवारी संपादक

राज्य पिछड़ा आयोग की सुनवाई के दौरान समाजसेवी व जनप्रतिनिधि सत्येंद्र बारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि जनसामान्य को अपने कार्यों के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे जनता की समस्याओं को स्वयं संज्ञान में लेकर उनका समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें। सुनवाई के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी समस्याएं आयोग के समक्ष रखीं। इस पर सत्येंद्र बारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि शासन की मंशा है कि आमजन को राहत मिले और उन्हें अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सत्येंद्र बारी ने सभी विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करने और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करना ही सुशासन की पहचान है।




