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सेवा, समर्पण और संस्कार की गौरवपूर्ण यात्रा को नम आंखों से विदाई

दुद्धी (सोनभद्र):
विकास खंड दुद्धी क्षेत्र के महुली निवासी सत्यनारायण कन्नौजिया एवं हिराचक निवासी अरुण कुमार मिश्रा के सेवानिवृत्ति अवसर पर 31 मार्च 2026 को राजकीय हाई स्कूल दीघुल के सभागार में आयोजित विदाई समारोह भावनाओं से ओत-प्रोत रहा। वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में अपने योगदान से पीढ़ियों को दिशा देने वाले इन दोनों शिक्षकों को जब सम्मानपूर्वक विदा किया गया, तो उपस्थित हर व्यक्ति की आंखें नम हो उठीं। समारोह में शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने पुष्पगुच्छ व अंगवस्त्र भेंट कर दोनों का अभिनंदन किया। जैसे-जैसे विदाई के क्षण करीब आए, वातावरण भावुक होता चला गया और सत्यनारायण कन्नौजिया तथा अरुण कुमार मिश्रा अपनी भावनाओं को रोक नहीं सके।


अपने उद्बोधन में प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त हो रहे अरुण कुमार मिश्रा ने कहा कि “विद्यालय मेरे लिए केवल कार्यस्थल नहीं, बल्कि एक परिवार रहा है। यहां बिताया गया हर पल मेरे जीवन की अमूल्य धरोहर है। मैंने हमेशा ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का प्रयास किया। आज पद से अलग हो रहा हूं, लेकिन इस विद्यालय और यहां के लोगों से जुड़ी यादें हमेशा मेरे साथ रहेंगी।” उन्होंने आगे कहा कि “किसी भी संस्था की पहचान वहां के लोगों से होती है और आप सभी का स्नेह व सहयोग ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है।” इस दौरान उन्होंने प्रधानाचार्य का कार्यभार औपचारिक रूप से उदय राज को सौंपते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

 


वहीं सहायक अध्यापक के रूप में सेवाएं देने वाले सत्यनारायण कन्नौजिया ने अपने संबोधन में कहा कि “शिक्षक का कार्य केवल पाठ पढ़ाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन में संस्कार और दिशा देना होता है। मैंने हमेशा अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से निभाने का प्रयास किया और विद्यार्थियों को एक अच्छा इंसान बनाने की कोशिश की।” उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि “आज इस विद्यालय से विदा लेना ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे अपने ही परिवार का एक हिस्सा पीछे छूट रहा है। यहां का स्नेह, अपनापन और सहयोग मेरे जीवन की सबसे अनमोल स्मृतियां बनकर हमेशा साथ रहेगा।”
कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के सहायक अध्यापक डॉ. आनंद कुमार गौतम ने गरिमामय ढंग से किया। इस अवसर पर राजकीय हाई स्कूल बैरखड़ के प्रधानाचार्य ,श्यामा चरण सिंह, राघवेंद्र जायसवाल, लाल साहब,रामरक्षा,देवेश मोहन,अशरफ सहित अनेक शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
विदाई समारोह के पश्चात जब सत्यनारायण कन्नौजिया सपत्नीक अपने घर पहुंचे, तो छोटे भाई लक्ष्मण कन्नौजिया ने परिवार सहित उनका आत्मीय स्वागत किया, जबकि बहन उर्मिला देवी ने आशीर्वाद देकर उनका गृह प्रवेश कराया। विद्यालय के शिक्षकगण भी उन्हें सम्मानपूर्वक उनके घर तक छोड़ने पहुंचे, जो उनके प्रति गहरे सम्मान और स्नेह का प्रतीक बना।
यह विदाई समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि वर्षों की सेवा, समर्पण और शिक्षा के प्रति निष्ठा को सम्मानित करने का भावपूर्ण अवसर बन गया, जिसने उपस्थित सभी लोगों के हृदय को छू लिया।

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