Uncategorized

राष्ट्रीय लोकदल का द्वितीय स्मरण पत्र: आदिवासी जमीन हड़पने के आरोपों की उच्चस्तरीय जांच की मांग

सोनभद्र:- नगवां और कोन ब्लॉक के वनवासी क्षेत्रों में सैकड़ों बीघा भूमि कथित रूप से भू-माफियाओं द्वारा हड़पे जाने के मामले में राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने प्रदेश सरकार को द्वितीय स्मरण पत्र भेजकर निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पार्टी पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। रालोद के राबर्ट्सगंज स्थित कैंप कार्यालय से प्रेषित पत्र में कहा गया है कि नगवां एवं कोन ब्लॉक के खौटेला, चिचलीक, मांची तथा ग्राम पोखरिया (पुलिस चौकी पोखरिया) के वनवासी परिवारों की जमीन दबाव और कथित धोखाधड़ी के माध्यम से अपने कब्जे में की गई है। पत्र में आरोप है कि स्वयं को निजी कंपनी का एग्रीमेंटर बताने वाले मुंशी सिंह नामक व्यक्ति और उसके सहयोगियों ने पहले ग्रामीणों के बीच खाद्य सामग्री, मोबाइल फोन और वस्त्र वितरित कर विश्वास अर्जित किया। इसके बाद नौकरी और मुआवजे का झांसा देकर बैंक खाता खुलवाने के नाम पर ग्रामीणों को जिला मुख्यालय लाया गया और एक निजी भवन में रोका गया।आरोप है कि 19 नवंबर 2024 को ओबरा तहसील में कथित रूप से दबाव में रजिस्ट्री कराई गई। इसके अतिरिक्त राबर्ट्सगंज तहसील में भी अन्य तिथियों पर बहला-फुसलाकर रजिस्ट्री कराने की बात कही गई है। पीड़ितों द्वारा 28 नवंबर 2024 को जिलाधिकारी को शिकायत पत्र दिए जाने का भी उल्लेख किया गया है। पत्र की प्रतिलिपि केंद्रीय मंत्री एवं रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह तथा सांसद राजकुमार सांगवान को भी भेजी गई है। रालोद पदाधिकारियों का कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो इससे प्रदेश सरकार की पंप स्टोरेज विद्युत परियोजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं पर भी असर पड़ सकता है। समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। समस्त जानकारी जिला प्रवक्ता रालोद विकास पाण्डेय द्वारा दी गई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!