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बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही आई सामने संविदा कर्मियों की जान के साथ खिलवाड़ जिम्मेदार कौन

विष अमृत संवाददाता आर एन सिंह 

सोनभद्र जिले में विद्युत विभाग के दो सबडिवीजन कार्यरत है जिसमें एक रॉबर्ट्सगंज दूसरा पिपरी है दोनों डिविजनों में आए दिन संविदा श्रमिक विद्युत लाइनों पर काम करते हुए या तो घायल होते हैं या फिर अकाल मौत मारे जाते हैं आखिर विद्युत सुरक्षा निदेशालय कर क्या रही है विद्युत विभाग के कर्मचारी सरकारी टीजी 2 , अवर अभियंता और उपखंड अधिकारी जिनका दायित्व होता है कि उनके कार्य क्षेत्र में किसी भी कर्मचारी के साथ कोई अनहोनी न होने पाए लेकिन यह सिर्फ वसूली में मस्त है इन्हें सिर्फ बिजली बिल की वसूली करने विभाग द्वारा दिए गए टारगेट को पूरा करना चाहे वो बकाया बिल की वसूली के लिए लाइन काटना हो अथवा मीटर लगाना हो लाइन मेंटेनेंस करना हो ट्रांसफार्मर के रख रखाव करना हो 11000 और एल टी लाइन पर पेड़ों की डालियों को काटना हो कंज्यूमरों का डाटा इकट्ठा करना हो यह सभी काम संविदा कर्मियों के द्वारा ही कराया जाता है लेकिन उनके सुरक्षा का तनिक भी ख्याल नहीं रखा जाता है अक्सर देखने में आता है की सुरक्षा के नाम पर उन्हें टोपी और रेडियम जैकेट दे दिया जाता है लेकिन सेफ्टी बेल्ट शूज ग्लव्स आर्थ् रॉड ,अर्थ चैन सीडी इन सब की उपलब्धता नहीं कराई जाती है अगर संविदा कर्मी इन सब सामानों की मांग करता है तो उनसे कहा जाता है कि यह सामान स्वयं अपने पैसों से खरीद लो अब सवाल यह उठता है कि 8000 के अल्प वेतन में संविदा कर्मी अपना और अपने परिवार का भरण पोषण करेगा या सेफ्टी उपकरण की खरीद करेगा जबकि इन सब चीजों की जिम्मेदारी उस कंपनी की होती है जिस कंपनी को लाइन के मेंटेनेंस और बिल वसूली का टेंडर जारी किया जाता है आखिर अधिकारी यह सब चीज उन कंपनियों से क्यों नहीं मांगते हैं और अगर मांगते हैं तो यह सामान जाता कहां है या फिर सिर्फ खाना पूर्ति ही की जाती है गर्मी बढ़ते ही विद्युत वितरण प्रणाली पर लोड बढ़ता है और कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ने लगता है लेकिन मैन पावर की कमी होने के कारण काम का बहुत संविदा कर्मियों पर ज्यादा लोड बढ़ने लगता है जब विभाग के पास संसाधन और पैसा दोनों उपलब्ध है तो फिर मैन पावर बढ़ाने में आखिर दिक्कत ही क्या है ❓आखिर इसका जिम्मेदार कौन विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी या संविदा कर्मी जो अल्प वेतन में अपने परिवार का भरण पोषण करने के लिए अपनी जान को जोखिम में डालकर दिन-रात मेहनत करता रहता है ऊपर से अध्यक्ष यूपीपीसीएल का यह आदेश है कि अगर संविदा कर्मी फेशियल अटेंडेंस को अपने नियत समय से 5 मिनट लेट से लगता है तो उसे लापरवाह माना जाएगा और अगले माह से उसको कार्य से हटा दिया जाएगा लेकिन वही संविदा कर्मी शाम 5:00 बजे के बाद (अपने 8 घंटे की ड्यूटी को पूरा करने के उपरांत)अगर काम करने से मना कर दे तो इनका पूरा विभाग हिल जाएगा हर संविदा करने से 12 घंटा ड्यूटी कराई जाती है तब उनके कानों पर जूं नहीं रेंगता

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