यूपीलोकल न्यूज़सोनभद्र

समाजवादी पार्टी, दुद्धी के कई बार के विधायक एवं जनजातीय अस्मिता के प्रबल पैरोकार श्री विजय सिंह गोंड़ जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं एक युग का अंत है।

रिपोर्ट  - उपेंद्र तिवारी महुली/दुद्धी/सोनभद्र

भावभीनी श्रद्धांजलि!

ईश्वर आपको अपने श्री चरणों में स्थान दें एवं शोक संतृप्त परिजनों को आत्मबल प्रदान करें।

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र की दुद्धी विधानसभा सीट (राज्य की अंतिम क्रमांक वाली 403वीं सीट) से आठ बार विधायक रहे सपा नेता /विधायक विजय सिंह गोंड का लंबी बीमारी के बाद लखनऊ के संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसजीपीजीआई) में निधन हो गया। वे यहाँ इलाज के लिये भर्ती थे। विजय सिंह गोंड आदिवासी समाज के प्रमुख नेता थे और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में उनकी मज़बूत पकड़ थी। वे कुल आठ बार दुद्धी विधानसभा सीट से विधायक चुने गए। इनमें 1985 से 2002 तक लगातार सात बार जीत हासिल की, जो उस समय एक रिकॉर्ड था।


1985 में वे कांग्रेस से पहली बार विधायक बने । 1989: निर्दलीय बने , 1991 व 1993: जनता दल से बने, 1996 व 2002: समाजवादी पार्टी से विधायक बने।
2017 और 2022 के चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन 2023 में सीट खाली होने पर हुए उपचुनाव में सपा से जीतकर आठवीं बार विधायक बने। वे मुलायम सिंह यादव सरकार में राज्यमंत्री भी रह चुके थे। उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत 1980 के दशक से हुई और उन्होंने आदिवासी हितों के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया। वह ऐसे शख्शियत थे, जिनका नाम सुनते ही तानाशाही सत्ता की रूह काँप जाती थी।

जिसका नाम सुनते ही भ्रष्ट अधिकारी थर-थर काँपते थे। वे दुद्धी की धरती के मूल मालिक, आदिवासियों के राजा और वंचित वर्ग के प्रखर स्वर थे।

विजय सिंह गोंड़ सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, स्वतंत्रता और संघर्ष के वह प्रतीक हैं, जिन्होंने अपने लोगों के अधिकारों के लिए आख़िरी सांस तक लड़ाई लड़ी। आज उनका संघर्ष हमें याद दिलाता है कि हमारे पुरखे कभी झुके नहीं, कभी डरे नहीं—और हम भी उसी रक्त के वारिस हैं।

जोहार जननायक पूज्य विजय सिंह गोंड़,
आपका संघर्ष हमारी नसों में है, आपकी क्रांति हमारे कदमों की दिशा है। मेरा 2003 में छात्रसंघ अध्यक्ष निर्वाचित होने से लेकर अब तक उनसे व्यक्तिगत लगाव था। मैंने उनका चुनाव कैंपिंग भी लगातार किया था। मुझे याद है कि 2023 में मैंने प्रचण्ड धूप में एक दिन में 22 से 23 सभाएं भी उनके साथ किया था।
आपके निधन से पार्टी की निश्चित तौर पर अपूरणीय क्षति हुई है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई नेताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उनके निधन से दुद्धी सीट पर फिर उपचुनाव की स्थित बन गयी है।

 

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