यूपीलोकल न्यूज़सोनभद्र

अवैध निर्माण को उत्तर प्रदेश जल विद्युत निगम लिमिटेड और वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा किया गया धराशायी,

लाखो का घोटाला प्रतिवर्ष फिर भी विकाश का पिटारा लिपटता ही नही , अधिशाषी अधिकारी नही दे रहे विकाश कार्यों पर ज़बाब,
दो महीना बित जाने के बाद भी अधिशासी अधिकारी ने नही दिया आरटीआई का ज़बाब, शासन के आदेशों का उड़ा रहे खुले आम धज्जियां ,

पिपरी नगर पंचायत के अंतर्गत संतोषी मन्दिर के पास हो रहे अवैध निर्माण को उत्तर प्रदेश जल विद्युत निगम लिमिटेड और वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा किया गया धराशायी,
बताते चले की एक तरफ जहा नगर पंचायत पिपरी , वन विभाग , सिंचाई विभाग और जल विद्युत निगम के बीच रस्साकशी चल रहा था , कभी मामला जिलाधिकारी से लेते हुए प्रमुख सचिव के सामने से चर्चा कर मुख्यमंत्री कार्यालय तक अपनी बात पहुंचाते हुए पिपरी की जनता के हित में मालिकाना हक दिलाने का जुमला फेकने वाले अध्यक्ष अपने ही दामन में सिकुड़ कर ठंड में रजाई में समा चुके है बस फर्क ये है की जनता निवस्त्र सी खड़ी ठगा महसूस कर रहे है ।

( यही वो कार्य शैली है जिसपर उत्तर प्रदेश जल विद्युत निगम को खटका था की उसके विभाग द्वारा बनाए नगर के विभिन्न भागों में अपने कर्मचारियों के लिए बनाए गए समस्त बस स्टैंड को चुना कर थोक में बनाए गए महत्वाकांक्षी विकाश कार्य का शीला पट्ट जो नगर में चर्चा का केंद्र बना है जिसे फिर उत्तर प्रदेश जल विद्युत निगम लिमिटेड द्वारा पुनः विभाग का नाम लिखवाना पड़ा साथ में नगर के विभिन्न भागों में भी बोर्ड लगवा दिया गया । )

( उत्तर प्रदेश जल विद्युत निगम लिमिटेड द्वारा पिपरी नगर के सभी सार्वजनिक स्थलों पर लगाया गया विभाग के संपत्ति का बोर्ड )

( उत्तर प्रदेश जल विद्युत निगम लिमिटेड द्वारा पिपरी नगर के मुरलिगढ में नगर पंचायत पिपरी द्वारा बनवाया गया एक मात्र पार्क जिसका निरीक्षण करते अधिकारी गण व सीआईएसएफ यूनिट  )

 ( मुरलिगढ में नगर पंचायत पिपरी द्वारा बनवाया गया पार्क में ताला लगाते अधिकारी गण जिसे अभी तक नही खोलवा सकी नगर पंचायत पिपरी  )

कहते है ना अध्यक्ष सही चुन लिया तो नगर पंचायत अन्यथा नरक पंचायत बनने से कोई नही रोक सकता ।

विगत इन वर्षो में कभी वन विभाग की दबंगई तो कभी जल विद्युत निगम की कार्य शैली अब तो कुछ हिस्सों में रेलवे भी दम कर रखी है । जो जनता विगत रिहंध बांध की स्थापना के समय से ही कर्मचारियों के साथ इस जंगल एरिया में सहभागी बनकर साथ रहते चली आ रही उनको भी अब डर सताने लगा , अभी कुछ समय पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष पूर्व के कार्यकाल में कभी वन विभाग का रूतबा जनता के समक्ष नही दिखा , पूर्व के नगर अध्यक्ष कभी ऐसा समय आने ही नही देते थे , सब अपने स्तर से ही सुलझ जाता था सब एक परिवार की तरह रहते था , हां कभी कभी मिश्रा जी विभाग के अधिकारी का रोला दिखा देते थे किंतु विनय आदि करने से समझ जाते थे की वाकई ये हमारे लोगो के साथ वर्षो से रहने वाले लोग ही तो है ।
बाद में जनता को चुना काटने लगा तो बीजेपी के आंधी में सनातन को लहराते हुए मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री के नाम को देखते हुए यह भी रोटी बैंक , शादी की सहयोगतामक तस्वीरे देख – देख कर तारण हार उठाकर ले आए और पिपरी का कल्याण करा बैठे । जो रात दिन रोटी मांगे , बाटे, शादी ब्याह में लोगो से मांग – मांग कर गिफ्ट बाटे वो या तो मिस्टर इंडिया की तरह गायब हो गए , या नून रोटी की जुगाड में लग गए अथवा साथ रहकर नाली साफ करा रहे ये नगर की जमी झाड़ियों में अपने अस्तित्व खोज रहे ।
नाम तो सिर्फ मंगल ग्रह पर बड़े बड़े अक्षरों में तारण हार का ही चमक रहा है , उनके आगे तो मुख्यमंत्री का भी नाम ऐसे लिखा होता है जैसे चार मंजिला बिल्डिंग में कही कोने में लिखा मिले ” फलाने बैंक से वित्तीय सहायता प्राप्त “

  (    मुख्यमंत्री लिखा शब्द को खोज कर पढ़े  )

जो वित्त दे रहा वो मारियल से कही कोने में लिखा दिख रहा और जो उसी वित्त में से सेल्फ परिवार सहायता समूह घोषित कर मजा ले रहा वो चांद तक मोटे और बड़े अक्षरों में लिखवा रहा । अब शासन का क्या आदेश लगा है ये तो कोई नही बताएगा ।

पिपरी नगर में शुक्रवार को संतोषी माता मंदिर के समीप सड़क किनारे बन रहे एक अवैध निर्माण को ढहा दिया गया। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड और वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई।

                     (   अवैध निर्माण को ढहा गया।  )

यह निर्माण नियमों के विपरीत पाया गया था, जिसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर श्रमिकों की सहायता से इसे ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान उत्तर प्रदेश जल विद्युत निगम के एसडीओ, वन दरोगा, विभागीय बल और अन्य कर्मचारी मौके पर उपस्थित थे। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों में चर्चा थी कि विभाग भविष्य में भी ऐसे अवैध निर्माणों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रखेगा।
एक तरफ विभाग जो है जनता को अपनी झोपड़ी भी सुव्यवस्थित नही करने दे रही की वो नमक रोटी खाकर अपने परिवार में जीवन यापन कर सके , दूसरी तरफ जिस विभाग को बाहर का रास्ता दिखाने और बड़े बड़े बोर्ड लगाकर अपनी संपत्ति घोषित करने की माया जाल फैला रही है वही इन विभागों से मोटी कमीशन तय कर अपने सुविधा अनुसार नव निर्माण करा रही जिसका कोई लेखा जोखा नही किया जा सकता है ।

(   सरकारी अस्पताल के पास हो रहे निर्माण कार्य  )

(  लाखो का घोटाला प्रतिवर्ष फिर भी विकाश का पिटारा लिपटता ही नही , अधिशाषी अधिकारी नही दे रहे विकाश कार्यों पर ज़बाब,
दो महीना बित जाने के बाद भी अधिशासी अधिकारी ने नही दिया आरटीआई का ज़बाब, शासन के आदेशों का उड़ा रहे खुले आम धज्जियां , )

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