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बीपैक्स कचनरवा केंद्र पर सचिव की मनमानी से किसान त्रस्त, लोगों ने किया किसानों की सूची सार्वजनिक करने व संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की मांग

किसानों ने लगाया केन्द्र प्रभारी के ऊपर अनियमितता बरतने व अबैध कटौती करने का आरोप

डिप्टी ब्यूरो रिपोर्ट

कोन / सोनभद्र – जनपद में लक्ष्य पूरा होने से अचानक क्रय केन्द्र बंद हो जाने से जहाँ किसान चिंतित दिख रहे हैं वहीं केन्द्र प्रभारियों की मनमानी ने किसानों की चिंता बढा दी है। ऐसा ही मामला विकास खण्ड कोन अंतर्गत बीपैक्स ( सहकारी समिति) कचनरवा की है । मिली जानकारी के अनुसार धान क्रय केन्द्र प्रभारी की मनमानी इस कदर बढ़ गयी है जहां सरकार की मंशा के विपरीत अपने चहेते व मिलर की मिलीभगत से अन्य जगहों के किसानों के धान की खरीदी की गयी है। नाम न छापने की शर्त पर किसानों का आरोप है कि बीपैक्स केन्द्र प्रभारी द्वारा अपनी चहेतों व अन्य क्षेत्रों के किसानों को वरीयता देते हुए धान खरीदा है।किसानों से ढलता या अन्य कारण दिखाकर प्रति कुंतल 8 से 10 किलो ग्राम की कटौती की गयी है जो शासन की मंशा के विपरीत है । इसी क्रम में बतातें चलें कि केन्द्र प्रभारी की मनमानी से स्थानीय किसान धान क्रय केन्द्र पर तौल होने के बाद भी बायोमैट्रिक अंगूठा न लगने से महीनों से बी पैक्स का चक्कर लगा रहे हैं जो न्याय संगत नहीं है। गौरतलब है कि कचनरवा बीपैक्स पर जब सचिव नियुक्त है तो आखिर किन कारणों से अन्य बीपैक्स के सचिव को धान क्रय केन्द्र प्रभारी बनाया गया जो जाँच का विषय है।

जबकि उक्त केन्द्र प्रभारी के ऊपर उर्वरक वितरण में भी अनियमितता और ओवर रेंटिग का आरोप लगाया जा चुका था जो कि मामला दबा रह गया। किसानों का कहना है कि बीपैक्स कचनरवा में अब तक जिन किसानों का धान खरीदा गया है उसकी सूची सार्वजनिक रूप से केन्द्र पर चस्पा कर संबंधित केन्द्र पर की गई धान खरीदी का सत्यापन कराते हुए तत्काल धान खरीदी की जाय । जिसके संबंध में सपा नेता जोखन प्रसाद ने कहा कि जनपद में 27 हजार से अधिक किसान पंजीकृत हैं और अभी 11 हजार से अधिक किसान बाकी है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी की अंतिम तिथि 28 फरवरी है पर लक्ष्य पूरा दिखाकर खरीदी बंद कर दी गई है।जिससे किसानों के सामने धान बेचने की समस्या खड़ी हो गई है और वहीं बीपैक्स कचनरवा पर अब तक जिन किसानों के धान खरीदी व तौल कराये गये हैं उनमें भारी अनियमितता बरतने का मामला सामने आया है। उन्होंने जिलाधिकारी समेत संबंधित विभाग से मांग किया है संबंधित केन्द्र पर खरीदी की गई किसानों की सूची केन्द्र पर चस्पा व किसानों की धान अविलंब खरीदी की जाय और दोषी पाये जाने पर संबंधित केन्द्र प्रभारी के खिलाफ कठोर कार्यवाही करने की मांग किया है। जिसके क्रम में केन्द्र प्रभारी उदयवीर से सूची मांगी गई तो उन्होंने कहा कि आप जन सूचना अधिकार अधिनियम से ले सकते हैं जिससे स्पष्ट सिद्ध होता है कि मामला जरूर गोलमाल है । इस बावत् एडीसीओ अवधेश सिंह ने बताया कि जनपद का लक्ष्य पूर्ण हो गया है पर जिन किसानों का धान तौल व समिति पर पहुँच गया है। उससे संबंधित किसानों की सूची संबंधित क्रय केन्द्र प्रभारियों से मांगा गया है उसके बाद सूची शासन स्तर पर भेजी जायेगी और उसके बाद धान खरीदी हो पायेगी और शिकायत में दोषी पाये जाने वाले केन्द्र प्रभारियों के ऊपर कठोर कार्यवाही की जायेगी। देखना अब दिलचस्प होगा कि क्या ऐसे भ्रष्टाचार में लिप्त केन्द्र प्रभारियों के ऊपर कार्यवाही होता है या ठंडे बस्ते में चला जायेगा।

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