ग्राम पंचायत पलिया में सावित्रीबाई फुले जी की जयंती
प्रधान द्वारा पेंसिल व कॉपी पाकर खिले बच्चों के चेहरे

रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के ग्राम पंचायत पलिया कला के मोकरम गांव मे अंबेडकर स्मारक स्थल पर शनिवार को दोपहर 1 बजे से प्रथम शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती बड़े हर्षाेल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम प्रधान मुस्लिम बेग द्वारा सावित्रीबाई फुले के चित्र पर पुष्प अर्चन कर किया गया। इस मौके पर बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। प्रधान द्वारा इन बच्चों को कापी और पेंसिल देकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया और शिक्षा के बारे में बताया। ग्राम प्रधान ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने अनेक सामाजिक बहिष्कार और कठिनाइयों को सहन करते हुए बालिकाओं की शिक्षा को अनिवार्य माना और उनके लिए विद्यालय की स्थापना की।

उस समय समाज द्वारा उन्हें अनेक प्रकार की बाधाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन वे अपने दृढ़ निश्चय से कभी पीछे नहीं हटीं। कार्यक्रम के आयोजन समिति अध्यक्ष बद्री प्रसाद ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उस दौर में प्रथम बालिका विद्यालय की स्थापना की। समिति के कोषाध्यक्ष कुबेर ने कहा की सावित्रीबाई फुले जी का मानना था कि महिलाओं की दयनीय स्थिति का मुख्य कारण उनका शिक्षित न होना है। स्वयं बचपन में अशिक्षित होने के बावजूद उन्होंने शिक्षा ग्रहण की और नौ बालिकाओं के साथ अपना पहला विद्यालय प्रारंभ किया, जिसकी वे प्रथम प्रधानाचार्य भी बनीं। कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र प्रसाद ने किया। इस अवसर पर कैलाश, रामआश्रय, शुभम, राजकुमारी, गीता, रीता, ज्योति,अनीता, हीरावती,अर्चना, बिंदु सहित काफी संख्या में ग्रामीण एवं बच्चे मौजूद रहें।





