कोन क्षेत्रों में पानी को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, फ्लोराइड युक्त व नदी नाले का पानी पीने को मजबूर

कार्यदायी संस्था की मनमानी , लोगों ने किया ऐसे कार्यदायी संस्था को ब्लैक लिस्टेड करने की मांग- छविंद्र नाथ चेरो ( जिला पंचायत सदस्य)
कोन/ सोनभद्र – जनपद के नव सृजित विकास खंड कोन अंतर्गत जल जीवन मिशन हर्रा कदरा ग्राम समूह पेयजल योजना के तहत हर घर नल योजना धरातल पर धाराशायी साबित हो रहा है ।मिली जानकारी के अनुसार कई ग्राम पंचायतों में नल कनेक्शन का कार्य पूरा नहीं सका किन्तु कागजों पर पूर्ण दिखा दिया है जिससे संबंधित ग्रामीणों ने कई बार प्रदर्शन किया । जिसके क्रम में कार्यदायी संस्था विष्णु प्रकाश आर पुंगलिया लि. के द्वारा वास्तविकता पर पर्दा डालने के उद्देश्य से सड़क किनारे किनारे पाईप ढकने और नल कनेक्शन मरम्मत करने का कार्य तो कुछ जगहों पर शुरु किया गया था पर आज भी कई महीनें समय व्यतीत होने के बाद भी चोकिंग व मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हो सका।

गौरतलब है सोन नदी में इंटेक का देखा जा सकता है जो बिना बरसात के ही नदी की धारा परिवर्तित हो जाती है जिससे पानी के आय दिन पानी का लेबल लो हो जाता है जिसका आलम है कि कई महीनों से जलापूर्ति ठप है जिससे सहज ही गर्मी के दिनों पानी का लेबल व कार्यदायी संस्था की गुणवत्ता का अनुमान लगाया जा सकता है जबकि किसी भी प्रोजेक्ट को लगाने से पहले उसकी भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखा जाता है फिर आखिर नदी की धारा परिवर्तित बार बार क्यों हो जा रही है यह सवाल लोगों के जेहन में घर कर गया है। ग्रामीणों के अनुसार आधार कार्ड के आधार पर कनेक्शन दिए गए, लेकिन कई महीनों से नलों से एक बूंद पानी नहीं आ रहा था जहाँ कोन क्षेत्र के संबंधित कार्यदायी संस्था द्वारा आम जनता को गुमराह करने का सिलसिला अनवरत जारी है यही नहीं बल्कि संस्था के कामगारों द्वारा कनेक्शन व मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति करके कागजी कोरम पूरा किया जा रहा था। स्थानीय लोगों ने बताया कि कोन क्षेत्र सहित फ्लोरोसिस प्रभावित कचनरवा , असनाबांध, कुड़वा क्षेत्र में हर घर नल योजना लोगों के लिए अभिशाप साबित हो रहा है। मिली जानकारी के अनुसार संबंधित संस्था द्वारा कई महीनों से कोन क्षेत्र में पानी की आपूर्ति नहीं की जा रही है। बतातें चलें कि कचनरवा के टोला असनाबांध लिंक रोड वार्ड नंबर 3 में विगत आठ महीनों से ऊपर हो गया है किन्तु आज तक समस्या का समाधान नहीं हो सका ।

जिसके क्रम में ग्रामीणों ने सी एम हेल्प लाइन पर भी शिकायत किया किन्तु संबंधित विभाग द्वारा महीनों बाद बिना कार्य पूरा कराये ही अपनी जाँच आख्या लगाकर अपने कर्तब्य की इतिश्री कर ली गयी। जिसके क्रम में पुन: ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए ऐसे भ्रष्ट संस्था को ब्लैक लिस्टेड करने की मांग किया है। इसी तरह ग्राम पंचायत कचनरवा के असनाबांध वार्ड -3, बड़ाप , बागेसोती के सिंगा , कुड़वा के धौर वादामर , सहित कई गांवों में हर घर नल योजना के तहत पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जबकि लोग पानी के लिए समय समय पर कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगभग आठ महीनों से कोन क्षेत्रों में पानी आपूर्ति नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि हर घर नल योजना क्षेत्र में फ्लाप साबित हो रहा है यहाँ तक कि कई जगहों पर नल कनेक्शन तक नहीं है । ग्रामीणो ने बताया कि आज भी लोग धौर वादामर , कुड़वा सहित अन्य स्थानों के लोग नदी नाले ,चुआंड से लेकर पानी पीने को मजबूर है। जिसके क्रम में जिला पंचायत सदस्य छविंद्र नाथ चेरो व वरिष्ठ समाजसेवी बिहारी प्रसाद यादव ने संबंधित संस्था पर आरोप लगाते हुए कहा कि संबंधित संस्था की मनमानी इस कदर बढ़ गयी है कि क्षेत्र में आज भी लोग लोग नदी नाले का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं जहाँ जवान भी बूढ़े दिखने लगे हैं और बच्चों के दांत भी पीले पड़ जा रहे हैं वहीं रीढ़ की हड्डी कमजोर होती जा रही है और आय दिन लोग फ्लोरोसिस की चपेट में आने से लोग काल के मुँह में समा जा रहे हैं । उन्होंने ऐसे भ्रष्ट संस्था को तत्काल ब्लैक लिस्टेड की जाये ताकि सरकार की छवि धूमिल न हो सके। जिससे ग्रामीणों को नियमित पेय जलापूर्ति हो सके।बतादें कि अभी तक बहुतायत में लोगों के घरों में नल कनेक्शन तक नहीं है और शिकायतकर्ताओं के शिकायत का नतीजा सिफर निकलता है।

इसी तरह कोन क्षेत्र के चांची खुर्द, नकतवार , मझिगवां ,मिश्री , खरौंधी , कचनरवा मुख्य बाजार, असनाबांध ,बड़ाप, रोहिनवादामर् , भेलवाखाडी ,नरोईयादामर, मधुरी ,बागेसोती , सिंगा , कुड़वा के सेमर वा दामर धौरवादामर्, शिवाखाडी , डीलवाहा, गोबरदाहा , पीपरखाड़, बिछमरवा, धंगरडिहा सहित कई जगहों पर आज तक लोगों को नियमित शुद्ध पेयजल नहीं मिल सका। उन्होंने आगे कहा कि जहाँ कनेक्शन है वहाँ भी कई महीनों से पानी नहीं मिल रहा है जिससे लोगों में आक्रोश ब्याप्त है। सबसे बड़ा सवाल है कि भारत सरकार व प्रधानमंत्री सहित मुख्यमंत्री की सबसे महत्वाकांक्षी योजना नमामि गंगे जल मिशन के तहत परियोजना के द्वारा जनहित व कामकाजी महिलाओं को देखते हुए बड़ी तेजी से कार्य शुरू किया गया किन्तु संबंधित कार्यदायी संस्था के उदासिनता व मनमानी पूर्ण कार्य प्रणाली के कारण लोगों के नलों तक पानी नहीं पहुँच पा रहा है बल्कि उनकी योजना को ठेंगा दिखाया जा रहा है जो बेहद शर्मनाक है। बल्कि संस्था के द्वारा कई महीनों से पानी देने का आश्वासन् दिया जा रहा है और जो अब केवल लोगों के दरवाजे पर नहीं बल्कि कागजों में सिमट कर रह गया है। जिसके क्रम में ग्रामीणों ने सोमवार को मझिगवां में जोरदार प्रदर्शन करते हुए नियमित पानी आपूर्ति की मांग किया।इसी तरह मझिगवां सहित बागेसोती के टोला सिंगा में कई वर्षों से पानी नहीं जा रहा है और ऐसे ही पूरे ग्राम पंचायतों में पानी आपूर्ति नहीं की जा रही है जिससे लोगों के सामने बहुत बड़ी समस्या खड़ी है और बतादें कि ग्राम पंचायतों में हैंडपंपों की मरम्मत के लिए प्रतिवर्ष लाखों रुपये की धन निकासी की जाती है पर धरातल पर अभी भी कई हैंडपंप बंद पड़े हैं इसे देखने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं हैं।

बतातें चलें कि संबंधित संस्था के द्वारा अधिकांश ग्राम प्रधानों व पंचायत की जल समितियों से संपूर्ण गांव में जलापूर्ति होने का प्रमाण पत्र बनवा कर शासन स्तर पर भेजकर खानापूर्ति किया गया है। जिसके क्रम में ग्रामीणों ने सूबे के मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए शुद्ध पेयजल आपूर्ति कराने व संबंधित कार्यदायी संस्था को ब्लैक लिस्टेड करने की मांग किया है।इस बावत अधिशासी अभियंता ( जल निगम) अरुण सिंह ने कहा कि जल्द ही समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जा रहा है है वहीं संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर सुदर्शन बिंद से पक्ष जानने का प्रयास किया गया किन्तु कॉल रीसिव नहीं हुआ।अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या लोगों को पानी मिल पायेगा या यह योजना संबंधित कार्यदायी संस्था के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जायेगा। लोगों कि मानें तो उक्त संस्था को ब्लैक लिस्टेड कर नये संस्था को दिया जाये ताकि लोगों को नियमित पानी मिल सके जिससे सरकार की छवि धूमिल न हो।




