पत्रकारों की सुरक्षा हेतु राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद का महाअभियान संगठन विस्तार और उत्पीड़न रोकने का कड़ा संकल्प

सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश – जिले में पत्रकारों पर बढ़ते हमलों, दबाव और उत्पीड़न की गंभीर घटनाओं को देखते हुए राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद (RPSP) ने सोनभद्र जिले में अपने संगठन को संगठित और मजबूत करने का एक बड़ा कदम उठाया है। जिला अध्यक्ष सन्तोष साहनी के जुझारू नेतृत्व में ओबरा तहसील क्षेत्र के कमला पेट्रोल टंकी के सामने स्थित पत्रकार कार्यालय पर एक अहम और निर्णायक बैठक का आयोजन किया गया।इस बैठक में सोनभद्र के विभिन्न ब्लॉकों और क्षेत्रों से आए पत्रकारों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य और सर्वोपरि एजेंडा पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और भविष्य में किसी भी पत्रकार का उत्पीड़न न होने देने का सामूहिक संकल्प लेना था।राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद, सोनभद्र इकाई को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और हर पत्रकार तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कई अनुभवी और सक्रिय पत्रकारों को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया गया।

रामप्यारे सिंह विधि सलाहकार कुंम्धज चौधरी, श्याम जी पाठक, अनुज जायसवाल , अमरजीत सिंह, घनश्याम पांडे, विजय साहनी, अनिल अग्रहरि, अनिकेत श्रीवास्तव, पवन सिंह, मुकेश भारती, अजीत प्रताप सिंह, कैलाश बिहारी, कन्हैया केसरी, विकास भारती, कामेश्वर विश्वकर्मा, विजय साहनी,विकास अग्रहरि ,पद देकर सम्मानित किया गया। बैठक के दौरान, जिलाध्यक्ष सन्तोष साहनी ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को उनके दायित्वों की गंभीरता समझाई और उन्हें पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए तत्पर रहने का निर्देश दिया। अपने संबोधन में, जिलाध्यक्ष सन्तोष साहनी ने एक स्पष्ट और निर्भीक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अब पत्रकार बंधुओं का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। मीडिया समाज का आईना है और लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। हम सभी पत्रकार भाई-बहन अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हैं और यह सुनिश्चित करेंगे कि हर पत्रकार निर्भीकता, निष्पक्षता और सच्चाई के साथ अपना कर्तव्य निभा सके।राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद की यह संगठनात्मक पहल सोनभद्र के पत्रकारिता जगत में एकजुटता, आत्मविश्वास और सुरक्षा के एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है। संगठन ने उत्पीड़न की किसी भी घटना का मिलकर मुकाबला करने का संकल्प लिया है, जिससे पत्रकार बंधुओं को अपनी आवाज़ उठाने और जनहित के मुद्दों को उजागर करने में अधिक आत्मविश्वास मिल सके।





