जोरकहू पिकनिक स्पॉट विकास से महरूम, प्राकृतिक खूबसूरती के बाद भी नहीं मिल पा रहा पहचान
उपेंद्र तिवारी महुली/दुद्धी/सोनभद्र

महुली (दुद्धी/सोनभद्र)। प्रकृति की गोद में बसे दुद्धी ब्लॉक का चर्चित जोरकहू पिकनिक स्पॉट अपनी अद्भुत सुंदरता के बावजूद आज भी विकास की राह देख रहा है। चारों ओर फैली घनी हरियाली, बीच में कलकल बहती कनहर नदी, दूर तक नजर आने वाली पहाड़ियां—ये मनमोहक दृश्य हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। परिवारों, नौजवानों और पर्यटकों के लिए यह स्थान सुकून और प्राकृतिक आनंद का प्रमुख ठिकाना बन चुका है।
हर दिन सैकड़ों लोग यहां पहुँचकर नदी के बीच बड़ी चट्टानों पर बैठकर फोटोग्राफी, घूमने-फिरने और परिवार संग समय बिताकर यादगार पल संजोते हैं। आसपास फैले घने जंगल और चहकते पक्षी इस स्थल को और भी रोमांचक बना देते हैं। महुली, दुद्धी और आसपास के कस्बों से लोग छुट्टी और पिकनिक का भरपूर आनंद लेने यहाँ पहुँचते हैं।

प्राकृतिक सौंदर्य अद्वितीय, लेकिन सुविधाएँ नदारद
इतनी खूबसूरती होने के बावजूद जोरकहू आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में पिछड़ा हुआ है। यहां बैठने की व्यवस्था, शौचालय, पेयजल, पार्किंग, सुरक्षा और साफ–सफाई जैसी न्यूनतम सुविधाएँ तक उपलब्ध नहीं हैं।
पर्यटकों का कहना है कि अगर प्रशासन इस स्थल को विकसित करे तो यह पूरा इलाका पर्यटन की नई पहचान बन सकता है।
क्षेत्र की बड़ी संभावनाएँ, पर ध्यान नहीं
कनहर नदी के तट पर बसे इस पिकनिक स्पॉट में प्राकृतिक संसाधनों की भरमार है, लेकिन इसके बावजूद यह क्षेत्र व्यवस्थित पर्यटन स्थल के रूप में पहचान नहीं बना पा रहा। इसके विकास से न केवल स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा, बल्कि दुद्धी और आसपास का आर्थिक ढाँचा भी मजबूत होगा।

स्थानीय लोग बोले— विकास हो तो बदलेगी तस्वीर
स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में खेती की संभावनाएँ सीमित हैं, ऐसे में पर्यटन ही यहां रोजगार का बड़ा साधन बन सकता है। लोगों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द जोरकहू पिकनिक स्पॉट को विकसित करने पर कार्यवाही करे, ताकि इस सुंदर स्थल को उचित पहचान मिल सके।
प्रकृति ने तो जोरकहू को हर सौंदर्य दिया है, अब बारी है प्रशासनिक ध्यान की—
तभी यह स्थान पर्यटन का चमकता सितारा बन सकेगा।




